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देशमेंचलरहा Structural Reforms कासिलसिलाआजएकनएपड़ावपर पहुंचाहै। Transparent Taxation – Honouring The Honest, 21वींसदीकेटैक्स सिस्टमकीइसनईव्यवस्थाकाआजलोकार्पणकियागयाहै।
इसप्लेटफॉर्ममें Faceless Assessment, Faceless Appeal और Taxpayers Charter जैसेबड़ेरिफॉर्म्सहैं। Faceless Assessment और Taxpayers Charter आजसेलागूहोगएहैं। जबकि Faceless appeal कीसुविधा 25 सितंबरयानिदीनदयालउपाध्याय जीकेजन्मदिनसेपूरेदेशभरमेंनागरिकोंकेलिएउपलब्धहोजाएगी। अबटैक्ससिस्टमभलेही Faceless होरहाहै, लेकिनटैक्सपेयरकोये Fairness और Fearlessness काविश्वासदेनेवालाहै।
मैंसभीटैक्सपेयर्सकोइसकेलिएबहुत-बहुतबधाईदेताहूंऔरइन्कमटैक्स विभागकेसभीअधिकारियों, कर्मचारियोंकोभीबहुत-बहुतशुभकामनाएं।
साथियों,
बीते 6 वर्षोंमेंहमाराफोकसरहाहै, Banking the Unbanked Securing the Unsecured और, Funding the Unfunded. आजएकतरहसेएकनईयात्राशुरूहोरहीहै। Honoring the Honest- ईमानदारकासम्मान। देशकाईमानदारटैक्सपेयरराष्ट्रनिर्माणमेंबहुतबड़ीभूमिकानिभाताहै। जबदेशकेईमानदारटैक्सपेयरकाजीवनआसानबनताहै, वोआगेबढ़ताहै, तोदेशकाभीविकासहोताहै, देशभीआगेबढ़ताहै।
साथियों,
आजसेशुरूहोरहींनईव्यवस्थाएं, नईसुविधाएं, Minimum Government, Maximum Governance केप्रतिहमारीप्रतिबद्धताकोऔरमजबूतकरती हैं। येदेशवासियोंकेजीवनसेसरकारको, सरकारकेदखलकोकमकरनेकी दिशामेंभीएकबड़ाकदमहै।
साथियों, आजहरनियम-कानूनको, हरपॉलिसीको Process और Power Centric अप्रोचसेबाहरनिकालकरउसको People Centric और Public Friendly बनानेपरबलदियाजारहाहै। येनएभारतकेनएगवर्नेंसमॉडलकाप्रयोगहैऔरइसकेसुखदपरिणामभी देशकोमिलरहेहैं। आजहरकिसीकोयेएहसासहुआहैकिशॉर्ट-कट्सठीकनहींहै, गलततौर-तरीकेअपनानासहीनहींहै।वोदौरअबपीछेचलागयाहै।अबदेशमेंमाहौलबनताजारहाहैकिकर्तव्य भावकोसर्वोपरिरखतेहुएहीसारेकामकरें।
सवालयेकिबदलावआखिरकैसेआरहाहै? क्यायेसिर्फसख्तीसेआयाहै? क्यायेसिर्फसज़ादेनेसेआयाहै? नहीं, बिल्कुलनहीं। इसकेचारबड़ेकारणहैं।
पहला, पॉलिसीड्रिवेनगवर्नेंस।जबपॉलिसीस्पष्टहोतीहैतो Grey Areas Minimum होजातेहैंऔरइसकारणव्यापारमें, बिजनेसमेंडिस्क्रीशनकी गुंजाशनकमहोजातीहै।
दूसरा- सामान्यजनकीईमानदारीपरविश्वास।
तीसरा, सरकारीसिस्टममेंह्यूमेनइंटरफेसकोसीमितकरकेटेक्नॉलॉजीका
बड़ेस्तरपरउपयोग। आजसरकारीखरीदहो, सरकारीटेंडरहोयासरकारीसेवाओंकीडिलिवरी, सब जगह Technological Interface सर्विसदेरहेहैं।
औरचौथा, हमारीजोसरकारीमशीनरीहै, जोब्यूरोक्रेसीहै, उसमें efficiency, Integrity और Sensitivity केगुणोंको Reward कियाजारहाहै, पुरस्कृतकियाजा रहाहै।
साथियों,
एकदौरथाजबहमारेयहां Reforms कीबहुतबातेंहोतीथीं। कभीमजबूरीमेंकुछफैसलेलेलिएजातेथे, कभीदबावमेंकुछफैसलेहो जातेथे, तोउन्हें Reform कहदियाजाताथा। इसकारणइच्छितपरिणामनहींमिलतेथे। अबयेसोचऔरअप्रोच, दोनोंबदलगईहै।
हमारेलिए Reform कामतलबहै, Reform नीतिआधारितहो, टुकड़ोंमेंनहींहो, Holistic होऔरएक Reform, दूसरे Reform काआधारबने, नए Reform का मार्गबनाए। औरऐसाभीनहींहैकिएकबार Reform करकेरुकगए।येनिरंतर, सतत चलनेवालीप्रक्रियाहै। बीतेकुछवर्षोमेंदेशमेंडेढ़हजारज्यादाकानूनोंकोसमाप्तकियागयाहै।
Ease of Doing Business कीरैंकिंगमेंभारतआजसेकुछसालपहले 134वेंनंबर परथा। आजभारतकीरैंकिंग 63 है। रैंकिंगमेंइतनेबड़ेबदलावकेपीछेअनेकों Reforms हैं, अनेकोंनियमों-कानूनों मेंबड़ेपरिवर्तनहैं। Reforms केप्रतिभारतकीइसीप्रतिबद्धताकोदेखकर, विदेशीनिवेशकोंका विश्वासभीभारतपरलगातारबढ़रहाहै। कोरोनाकेइससंकटकेसमयभीभारतमेंरिकॉर्ड FDI काआना, इसीका उदाहरणहै।
साथियों,
भारतकेटैक्ससिस्टममें Fundamental और Structural Reforms की ज़रूरतइसलिएथीक्योंकिहमाराआजकायेसिस्टमगुलामीकेकालखंडमें बनाऔरफिरधीरेधीरे Evolve हुआ। आज़ादीकेबादइसमेंयहांवहांथोड़ेबहुतपरिवर्तनकिएगए, लेकिन Largely सिस्टमका Character वहीरहा।
परिणामयेहुआकिजोटैक्सपेयरराष्ट्रनिर्माणकाएकमज़बूतपिलरहै, जो देशकोगरीबीसेबाहरनिकालनेकेलिएयोगदानदेरहाहै, उसकोकठघरेमें खड़ाकियाजानेलगा। इन्कमटैक्सकानोटिसफरमानकीतरहबनगया। देशकेसाथछलकरनेवालेकुछमुट्ठीभरलोगोंकीपहचानकेलिएबहुतसे लोगोंकोअनावश्यकपरेशानीसेगुज़रनापड़ा। कहांतोटैक्सदेनेवालोंकीसंख्यामेंगर्वकेसाथविस्तारहोनाचाहिएथा औरकहांगठजोड़की, सांठगांठकीव्यवस्थाबनगई।
इसविसंगतिकेबीचब्लैकऔरव्हाइटकाउद्योगभीफलता-फूलतागया। इसव्यवस्थानेईमानदारीसेव्यापार-कारोबारकरनेवालोंको, रोज़गारदेने वालोंकोऔरदेशकीयुवाशक्तिकीआकांक्षाओंकोप्रोत्साहितकरनेके बजायकुचलनेकाकामकिया।
साथियों,
जहां Complexity होतीहै, वहां Compliance भीमुश्किलहोताहै। कमसेकमकानूनहो, जोकानूनहोवोबहुतस्पष्टहोतोटैक्सपेयरभीखुश रहताहैऔरदेशभी। बीतेकुछसमयसेयहीकामकियाजारहाहै। अबजैसे, दर्जनों taxes कीजगह GST आगया। रिटर्नसेलेकररिफंडकीव्यवस्थाकोपूरीतरहसेऑनलाइनकियागया।
जोनयास्लैबसिस्टमआयाहै, उससेबेवजहकेकागज़ोंऔरदस्तावेज़ोंको जुटानेकीमजबूरीसेमुक्तिमिलगईहै। यहीनहीं, पहले 10 लाखरुपएसेऊपरकेविवादोंकोलेकरसरकारहाईकोर्टऔरसुप्रीम कोर्टपहुंचजातीथी। अबहाईकोर्टमें 1 करोड़रुपएतककेऔरसुप्रीमकोर्टमें 2 करोड़रुपएतक केकेसकीसीमातयकीगईहै। विवादसेविश्वासजैसीयोजनासेकोशिशयेहैकिज्यादातरमामलेकोर्टसे बाहरहीसुलझजाएं। इसीकानतीजाहैकिबहुतकमसमयमेंहीकरीब 3 लाखमामलोंको सुलझायाजाचुकाहै।
साथियों,
प्रक्रियाओंकीजटिलताओंकेसाथ-साथदेशमें Tax भीकमकियागयाहै। 5 लाखरुपएकीआयपरअबटैक्सजीरोहै।बाकीस्लैबमेंभीटैक्सकम हुआहै। Corporate tax केमामलेमेंहमदुनियामेंसबसेकम tax लेनेवालेदेशोंमें सेएकहैं।
साथियों,
कोशिशयेहैकिहमारीटैक्सप्रणाली Seamless हो, Painless हो, Faceless हो। Seamless यानिटैक्सएडमिनिस्ट्रेशन, हरटैक्सपेयरकोउलझानेकेबजाय समस्याकोसुलझानेकेलिएकामकरे। Painless यानिटेक्नॉलॉजीसेलेकर Rules तकसबकुछ Simple हो। Faceless यानि Taxpayer कौनहैऔर Tax Officer कौनहै, इससेमतलबहोनाही नहींचाहिए। आजसेलागूहोनेवालेयेरिफॉर्म्सइसीसोचकोआगेबढ़ानेवालेहैं।
साथियों,
अभीतकहोतायेहैकिजिसशहरमेंहमरहतेहैं, उसीशहरकाटैक्स डिपार्टमेंटहमारीटैक्ससेजुड़ीसभीबातोंकोहैंडलकरताहै। स्क्रूटनीहो, नोटिसहो, सर्वेहोयाफिरज़ब्तीहो, इसमेंउसीशहरकेइन्कम टैक्सडिपार्टमेंटकी, आयकरअधिकारीकीमुख्यभूमिकारहतीहै। अबयेभूमिकाएकप्रकारसेखत्महोगईहै, अबइसकोटेक्नोलॉजीकीमदद सेबदलदियागयाहै।
अबस्क्रूटनीकेमामलोंकोदेशकेकिसीभीक्षेत्रमेंकिसीभीअधिकारीके पासरैंडमतरीकेसेआवंटितकियाजाएगा। अबजैसेमुंबईकेकिसीटैक्सपेयरका Return सेजुड़ाकोईमामलासामने आताहै, तोअबइसकीछानबीनकाजिम्मामुंबईकेअधिकारीकेपासनहीं जाएगा, बल्किसंभवहैवोचेन्नईकीफेसलेसटीमकेपास जासकताहै। औरवहांसेभीजोआदेशनिकलेगाउसका review किसीदूसरेशहर, जैसे जयपुरयाबेंगलुरुकीटीमकरेगी। अबफेसलेसटीमकौनसीहोगी, इसमेंकौन-कौनहोगायेभी randomly किया जाएगा। इसमेंहरसालबदलावभीहोतारहेगा।
साथियों,
इससिस्टमसेकरदाताऔरइन्कमटैक्सदफ्तरकोजान-पहचानबनानेका, प्रभावऔरदबावकामौकाहीनहींमिलेगा। सबअपने-अपनेदायित्वोंकेहिसाबसेकामकरेंगे। डिपार्टमेंटकोइससेलाभयेहोगाकिअनावश्यकमुकदमेबाज़ीनहींहोगी। दूसराट्रांस्फर-पोस्टिंगमेंलगनेवालीगैरज़रूरीऊर्जासेभीअबराहत मिलेगी। इसीतरह, टैक्ससेजुड़ेमामलोंकीजांचकेसाथ-साथअपीलभीअबफेसलेस होगी।
साथियों,
टैक्सपेयर्सचार्टरभीदेशकीविकासयात्रामेंबहुतबड़ाकदमहै। भारतकेइतिहासमेंपहलीबारकरदाताओंकेअधिकारोंऔरकर्तव्योंको कोडीफाईकियागयाहै, उनकोमान्यतादीगईहै। टैक्सपेयर्सकोइसस्तरकासम्मानऔरसुरक्षादेनेवालेगिनेचुनेदेशोंमें अबभारतभीशामिलहोगयाहै।
अबटैक्सपेयरकोउचित, विनम्रऔरतर्कसंगतव्यवहारकाभरोसा दियागया है।यानिआयकरविभागकोअबटैक्सपेयरकी Dignity का, संवेदनशीलताके साथध्यानरखनाहोगा। अबटैक्सपेयरकीबातपरविश्वासकरनाहोगा, डिपार्टमेंटउसकोबिनाकिसी आधारकेहीशककीनज़रसेनहींदेखसकता। अगरकिसीप्रकारकासंदेहहैभी, तोटैक्सपेयरकोअब अपीलऔरसमीक्षा कीअधिकारदियागयाहै।
साथियों,
अधिकारहमेशादायित्वोंकेसाथआतेहैं, कर्तव्योंकेसाथआतेहैं। इसचार्टरमेंभीटैक्सपेयर्ससेकुछअपेक्षाएंकीगईहैं। टैक्सपेयरकेलिएटैक्सदेनायासरकारकेलिएटैक्सलेना, येकोईहकका अधिकारकाविषयनहींहै, बल्कियेदोनोंकादायित्वहै। टैक्सपेयरकोटैक्सइसलिएदेनाहैक्योंकिउसीसेसिस्टमचलताहै, देशकी एकबड़ीआबादीकेप्रतिदेशअपनाफर्ज़निभासकताहै।
इसीटैक्ससेखुदटैक्सपेयरकोभीतरक्कीकेलिए, प्रगतिकेलिए, बेहतर सुविधाएंऔरइंफ्रास्ट्रक्चरमिलपाताहै। वहींसरकारकायेदायित्वहैकिटैक्सपेयरकीपाई-पाईकासदुपयोगकरे। ऐसेमेंआजजबकरदाताओंकोसुविधाऔरसुरक्षामिलरहीहै, तोदेशभी हरटैक्सपेयरसेअपनेदायित्वोंकेप्रतिज्यादाजागरूकरहनेकीअपेक्षाकरता है।
साथियों,
देशवासियोंपरभरोसा, इससोचकाप्रभावकैसेजमीनपरनजरआताहै, ये समझनाभीबहुतजरूरीहै। वर्ष 2012-13 मेंजितनेटैक्सरिटर्न्सहोतेथे, उसमेंसे 0.94 परसेंटकी स्क्रूटनीहोतीथी। वर्ष 2018-19 मेंयेआंकड़ाघटकर 0.26 परसेंटपरआगयाहै। यानिकेसकीस्क्रूटनी, करीब-करीब 4 गुनाकमहुईहै। स्क्रूटनीका 4 गुनाकमहोना, अपनेआपमेंबतारहाहैकिबदलावकितना व्यापकहै।
साथियों,
बीते 6 वर्षोंमेंभारतने tax administration में governance काएकनया मॉडलविकसितहोतेदेखाहै।
We Have, Decreased complexity, Decreased taxes, Decreased litigation, Increased transparency, Increased tax compliance, Increased trust on the tax payer.
साथियों,
इन सारे प्रयासों के बीच बीते 6-7 साल में इन्कम टैक्स रिटर्न भरने वालों की संख्या में करीब ढाई करोड़ की वृद्धि हुई है। ये वृद्धि तो बहुत बड़ी है लेकिन इस बात से हम इनकार नहीं कर सकते हैं कि इसके बावजूद भी 130 करोड़ के देश में ये बहुत कम है। इतने बड़े देश में 130 करोड़ में से डेढ़ करोड़ साथी ही इन्कम टैक्स जमा करते हैं। मैं आज देशवासियों से भी आग्रह करूंगा जो सक्षम हैं उनको भी आग्रह करूंगा, भिन्न-भिन्न करके व्यापार उद्योग के संगठन चलाते हैं, उनको भी आग्रह करूंगा। इस पर हम सबको चिंतन करने की जरूरत है, देश को आत्मचिंतन करना होगा। और ये हमारा आत्मचिंतन ही आत्मनिर्भर भारत के लिए आवश्यक है, अनिवार्य है। और ये जिम्मेदारी सिर्फ टैक्स डिपार्टमेंट की नहीं है, ये जिम्मेदारी हर हिन्दुस्तानी की है, हर भारतीय की है। जो टैक्स देने में सक्षम हैं, लेकिन अभी वो टैक्स नेट में नहीं है, वो स्वप्रेरणा से अपनी आत्मा को पूछें, आगे आएं, और अभी दो दिन के बाद 15 अगस्त है, आजादी के लिए मर-मिटने वालों को जरा याद कीजिए; आपको लगेगा हां, मुझे भी कुछ न कुछ देना ही चाहिए।
आइए, विश्वास के, अधिकारों के, दायित्वों के, इस महत्वपूर्ण भावना का सम्मान करते हुए, इस प्लेटफॉर्म का सम्मान करते हुए, नए भारत, आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को सिद्ध करें। एक बार फिर देश के वर्तमान और भावी ईमानदार टैक्सपेयर्स को बहुत-बहुत बधाई देता हूं, शुभकामनाएं देता हूं और ये पहल बहुत बड़ा फैसला किया गया है। इन्कम टैक्स के अधिकारियों को भी जितनी बधाई दें उतनी कम है। हर टैक्सपेयर को इन्कम टैक्स अधिकारियों को भी बधाई देनी चाहिए क्योंकि एक प्रकार से उन्होंने अपने-आप पर बंधन डाले हैं। अपनी खुद की ताकत को, अपने अधिकारों को उन्होंने खुद ने काटा है। अगर इन्कम टैक्स डिपार्टमेंट के अधिकारी इस प्रकार से आगे आते हैं तो किसको गर्व नहीं होगा। हर देशवासी को गर्व होना चाहिए। और पहले के जमाने में शायद टैक्स के कारण कुछ समय से उन्हीं लोगों ने टैक्स देने के रास्ते पर जाना पसंद नहीं किया होगा। अब जो रास्ता बना है, वो टैक्स देने की तरफ जाने का आकर्षक रास्ता बना है। और इसलिए आइए, भव्य भारत के निर्माण के लिए इस व्यवस्था का लाभ भी उठाएं इस व्यवस्था से जुड़ने के लिए आगे भी आएं। मैं फिर एक बार आप सबका बहुत-बहुत धन्यवाद करता हूं, अनेक-अनेक शुभकामनाएं देता हूं। निर्मला जी और उनकी पूरी टीम को भी मैं बहुत धन्यवाद करता हूं कि एक के बाद एक देश के उज्ज्वल भविष्य के लिए लंबे अर्से तक प्रभाव पैदा करने वाले अनेक सकारात्मक निर्णयों का नेतृत्व कर रहे हैं। मैं फिर एक बार सबको बधाई देता हूं, सबका धन्यवाद करता हूं !!
बहुत-बहुत धन्यवाद।
Faceless Assessment reduces human interface and discretion, enhancing taxpayer dignity alongside a taxpayer charter and faceless appeal. Transparent Taxation introduces Faceless Assessment, Faceless Appeal and the Taxpayers Charter to reduce human interface and discretion, using technology and randomised case allocation to make assessment, scrutiny and appeals geographically neutral; the Charter codifies taxpayer rights to dignified treatment and access to appeal while emphasising corresponding taxpayer duties, and broader procedural measures and online dispute-resolution aim to simplify compliance, lower litigation, and strengthen voluntary participation in the tax system.Press 'Enter' after typing page number.